हार्ट अटैक और इलाज
दुनिया में सबसे ज्यादा मौतें केलोस्ट्रोल बढ़ जाने के कारण हार्टअटैक से होती है. भारत में हर साल एक करोड़ से ज्यादा हर्टअटैक के केसेस आते है, आप ऐसे बहुत लोगो को जानते होंगे
जिनका वजन व् केलोस्ट्रोल बढ़ा हुवा है. कई बड़ी अमेरिकन कंपनियां भारत ही नहीं दुनियां के अलग अलग देशो में अरबों की दवाइयां बेच रही है, अगर आपको तकलीफ हुवा तो चिकित्स्क कहेगा अँजिओप्लास्टी(Anjioplasty) करवाओ☝
अँजिओप्लास्टी के ऑपरेशन में डाक्टर दिल की नली में एक स्प्रिंग डालते है जिसे स्टेंट कहते है. इस स्टेंट की कीमत अमेरिका में ३ डालर है (रुपए 200 से रुपए 300 ) है इस स्टेंट को भारत में 3-५ लाख रुपए में बेचा जाता है, अब क्योंकि कमीशन लाखो का होता है, इस लिए डाक्टर बोलेगा की करवाओ.लेकिन ये कभी किसी का सफल नहीं होता है क्यों की जो स्प्रिंग दिल में डालते है वो पेन के स्प्रिंग जैसे होता है कुछ ही महीने के बाद स्प्रिंग के दोनों तरफ ब्लॉकेज ( केलोस्ट्रोल / फैट ) जमने लगता है और डाक्टर सलाह देगा की फिर से करवाओ.चलने के फायदे
🌿प्राकृतिक इलाज 🌿
लेकिन प्रकृति ने हमे जो शानदार उपहार दिए है उन्हें इस्तेमाल करके इस रोग से निजात पा सकते है 🍒🍊🍉🍈🍅🍏🍎
1)अदरक रस (ginger juice) :- ये खून को पतला करता है और दर्द को ९०प्रतिसत तक कम करता है
2)लहसुन रस (garlic juice ) :- इसमें मौजूद तत्त्व allicin कॉलस्ट्रॉल व् बी पी को कम करते है और हार्ट ब्लॉकेज को खोलते है .
3) नीबू रस(lemon juice) :- इसमें मौजूद antionidants तत्व खून को साफ़ करता है और रोग प्रतिरोधक छमता(Immunity) को बढ़ाता है.
4) एप्पल साइडर सिरका(vinegar) :- इसमें ९० प्रकार के तत्त्व है जो सरीर के सारे नसो को खोलता है पेट साफ़ करता है और थकान को मिटाता है.
१) एक कप नीबू का रस ले
२) एक कप अदरक का रस ले
३) एक कप लहसुन का रस ले
४) एक कप एप्पल का सिरका ले
इन चारों को मिलाकर धीमी आंच पर तब तक गरम करें जब तक की तीन कप न रह जाए अब इसे ठंडा करके इसमें तीन कप शहद अच्छी तरह से मिला लें
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इस जीवन दायनी दवा को रोज सुबह खाली पेट तीन चम्मच ले, इससे आपके सारे ब्लॉकजे ख़त्म होजायेंगे
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जरा सोचिये की शाम को आठ बजे है आप किसी काम से कहीं जा रहे है, ज्यादा तर ऐसे समय में लोग अकेले ही होते है , अचानक में आपके सीने में दर्द सुरु हो जाता है , ये दर्द आपके हाथो से लेकर जबड़ो तक काफी तेज होता है, अब ऐसे में आपके समझ में ये आता ही नहीं है की क्या करें जब तक कोई सहायता नहीं आता तब तक तो आपको कुछ तो करना ही पड़ेगा💂 जी हाँ अब क्यों की ऐसे समय में ज्यादा तर लोग अकेले ही होते है और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और धीरे धीरे वे बेहोशहोने लगते है, ऐसे में उनके पास सिर्फ १० सकेंड होतेहैIइस मुसीबत के समय में पीड़ित को जोर जोर से खासना चाहिए और जोर की सांस लेना चाहिए हर खांसी से पहले और खांसी इतनी तेज होनी चाहिए की छाती से थूक निकले. जब तक कोई मदद न आ जाये तब तक ये प्रक्रिया दोहरानी चाहिए ये करने से दिल की धड़कन सामान्य हो जाती है जोर की सांस लेने से फेफड़ो में ऑक्सीजन पैदा होती है और जोर की खांसी लेने से दिल सिकुड़ता है जिससे रक्त संचालन नियमित हो जाता है💢
हृदय को स्वस्थ रखने में आयुर्वेद और लौकी का महत्व: जानिए क्या हैं इसके फायदे?
भारतीय आयुर्वेद में हजारों वर्षों से प्राकृतिक जीवनशैली, संतुलित आहार और स्वस्थ शरीर के महत्व पर जोर दिया जाता रहा है। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में महर्षि वाग्भट का विशेष स्थान है। उनकी प्रसिद्ध रचना 'अष्टांग हृदयम्' आयुर्वेद के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक मानी जाती है। इसमें शरीर को स्वस्थ रखने, रोगों की पहचान और उपचार से संबंधित अनेक सिद्धांतों का वर्णन मिलता है।
रक्त की अम्लता और हृदय स्वास्थ्य का संबंध
हमारे शरीर में अम्लीय (Acidic) और क्षारीय (Alkaline) पदार्थों की भूमिका अलग-अलग होती है। शरीर रक्त का pH स्तर एक बहुत ही सीमित सीमा में नियंत्रित रखता है। रक्त में अम्लता बढ़ने की स्थिति को मेडिकल भाषा में एसिडोसिस (Acidosis) कहा जाता है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि पेट की एसिडिटी और रक्त की अम्लता दो अलग-अलग स्थितियां हैं। सामान्य पेट की एसिडिटी बढ़ने से सीधे हृदय की नसों में ब्लॉकेज नहीं होता।
हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज मुख्य रूप से कोलेस्ट्रॉल और अन्य वसायुक्त पदार्थों के जमाव के कारण होता है। इसे एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहा जाता है। इसके कारण हृदय तक रक्त और ऑक्सीजन पहुंचने में रुकावट आ सकती है।
लौकी (Bottle Gourd) के स्वास्थ्य लाभ
लौकी, जिसे हिंदी में घिया और मराठी में दुधी भी कहा जाता है, भारतीय रसोई में आसानी से उपलब्ध होने वाली पौष्टिक सब्जी है। अंग्रेजी में इसे Bottle Gourd कहते हैं।
लौकी में पानी की अच्छी मात्रा होती है और इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।
लौकी का सेवन सब्जी, सूप या अन्य पके हुए व्यंजनों के रूप में किया जा सकता है। हालांकि, लौकी का रस पीने से हृदय की धमनियों का ब्लॉकेज खुल जाता है या हार्ट अटैक का खतरा समाप्त हो जाता है, इसका कोई विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
लौकी के रस का सेवन करते समय सावधानियां
यदि आप लौकी का रस पीना पसंद करते हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें:
- हमेशा ताजी और अच्छी गुणवत्ता वाली लौकी का ही उपयोग करें।
- रस निकालने से पहले लौकी का एक छोटा टुकड़ा चखकर देखें।
- यदि लौकी स्वाद में कड़वी हो, तो उसका रस बिल्कुल न पिएं।
- लौकी के कड़वे रस में जहरीले तत्व हो सकते हैं, जो उल्टी, दस्त और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं।
- किसी भी बीमारी के उपचार के लिए लौकी के रस को दवाइयों या डॉक्टर की सलाह का विकल्प न बनाएं।
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए केवल किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संपूर्ण जीवनशैली में सुधार करना जरूरी है।
- रोजाना संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
- हरी सब्जियों और ताजे फलों को आहार में शामिल करें।
- नियमित रूप से पैदल चलें और व्यायाम करें।
- धूम्रपान और तंबाकू से दूर रहें।
- रक्तचाप, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखने का प्रयास करें।
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों का नियमित सेवन करें।
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